Thursday, November 20, 2025
Je talfo koi jeev जे तलफो कोई जीव_ हरजस पद राग मंगल (१६)
जे तलफो कोई जीव, मुगत कूं तलफिये। झूठी माया ही काज, मती कोई कलपिये ।। १ ।।
जे बिरह किजे जोय, सांई कूं मोइये। झूठ कुटुम्ब कुल काज, मती कोई रोइये ।। २ ।।
दाव घाव सुण सोच, चिंता जो कीजिये। कर सायब सुं लेण मुगत गम लीजिये ।। ३ ।।
जे कोई कमतर की चाय, भजन सो कीजिये। कह सुखदेव जुग काज, सेल में लीजिये ।। ४ ।।
Harjas Pad Raag Mangal (16)
Je talfo koi jeev, mugat kūṁ talfiye.
Jhoothi māyā hī kāj, matī koi kalpiye. ॥ 1 ॥
Je birah kije joy, sāṁī kūṁ moiye.
Jhooth kuṭumb kul kāj, matī koi roiye. ॥ 2 ॥
Dāv ghāv suṇ soch, chintā jo kījiye.
Kar sāyab suṁ leṇ, mugat gam lījiye. ॥ 3 ॥
Je koi kamtar kī chāy, bhajan so kījiye.
Kah Sukhdev jug kāj, sel meṁ lījiye. ॥ 4 ॥
यदि जीवों को तड़प है, तो मुक्ति के लिए तड़पना चाहिए। माया असत्य है, उसकी प्राप्ति के लिए मत कलपो। विरह करना है तो परमात्मा के लिए करो, कुटुम्ब और कुल झूठा है, उसके लिए मत रोओ। दाव, घाव, सोच और चिंता करनी है तो परमात्मा के परम पद की प्राप्ति के लिए करो। अगर आत्मा के कार्य की इच्छा है तो भजन करो और संसार का कार्य सहज में करो।"
Mhaare paavna paramguru aaj म्हारे पावणा परमगुरु आज_ हरजस पद राग बधावा (१)
म्हारे पावणा परमगुरु आज, संया आवो ओ। म्हारे आया ओ हरि का जन आज, संया आवो ओ ॥ टेर ॥ आवो ओ गावो संया, आणंद बधावा। म्हारे आंगणिये ओ साधां र...