Tuesday, August 19, 2025
जीवात्मा ने अपना पहला कर्म (गलती) कहाँ किया था?सबसे पहली बार उस 'आदि पुरुष' (परमात्मा/ब्रह्म) से बिछड़ी थी, तब तो संसार था ही नहीं
हरजस पद राग मिश्रीत (५) संत सुखराम जी महाराज का यह हरजस अत्यंत तार्किक, दार्शनिक और सुरति-शब्द योग के सबसे बड़े रहस्य का उद्घाटन करने व...
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चालोनी रे हंसा अपणे, राम जना रे देश। वां पद कूं बंचे सदा रे, शिव सनकादिक शेष ॥ टेर ॥ या जुग में थिर कुछ नहीं रे, ...
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म्हारा सतगुरु आया ये सैयां, सब शहरा बटत बधाईयां ।। टेर ॥ नाम नूर वारे मुख पर सोहे, तेज पूंज प्रकाशा। हंसा काज लिया अवतारा, ब्रह्म देश का...