Friday, August 29, 2025

Santo vaad kare so jhootha संतो वाद करे सो झूठा_ हरजस पद राग बिहंगडो (११) not translated

 

 संतो वाद करे सो झूठा। वां घट करम धस्या है भारी, शिमरथ साहिब रूठा ।। टेर ।।

 राम नाम सुमरण को पाले, सैन बतावे कोई। गुंगो गाई रीज जो लेवे, तो मुक्त सैन सुं होई ।। १ ।। 

बोल्या बिना न्याय जो चुके, बिन तिरियां नहीं लांगे। तो आ मुक्त सैन सूं होई, जे पाहण पाहण बिन भांगे।। २ ।।

 झाडो दिया बिना विष पाले, बिन जुझिया होई सूरा। तो या मुक्त सैन सूं हुवेली, बिन मुख बागे तूरा ।। ३ ।।

 हीरा पड्या जमी के मांई, बिन खिणियां कोई काढे। तो या मुक्त सैन सूं होई, लोह बिना बन बाढे ।। ४ ।।

 जब लग आग लगी है नांही, तब लग फूंका दीजे। कह सुखराम लग्या फिर पीछे, होय नचिता रीजे ।। ५ ।।

Santo vaad kare so jhootha, vaan ghat karam dhasya hai bhaari, shimrath sahib rootha. || Ter ||

Ram naam sumaran ko paale, Sain batave koi. Gungo gaayi reej jo leve, to mukt Sain sun hoi. || 1 ||

Bolya bina nyaay jo chhuke, bin tiriyan nahin laange. To aa mukt Sain sun hoi, je paahan paahan bin bhaange. || 2 ||

Jhaado diya bina vish paale, bin jujhiya hoi soora. To ya mukt Sain sun huveli, bin mukh baage toora. || 3 ||

Heera padya jamee ke maai, bin khiniyaan koi kaadhe. To ya mukt Sain sun hoi, loh bina ban baadhe. || 4 ||

Jab lag aag lagi hai naahee, tab lag phoonka deeje. Kah Sukhram lagya phir peeche, hoy nachita reeje. || 5 ||


यहाँ दी गई हिंदी पाठ का सुधारित स्वरूप:

संतों से महाराज फरमाते हैं कि जो वाद विवाद करते हैं, वे झूठे हैं। उनके घट में भारी कर्म धसे हुए हैं। समरथ साहिब उनसे रूठे हुए हैं। राम के नाम का स्मरण करते हैं, उसको सैन बताते है। यदि गूंगा मनुष्य गाकर किसी से इनाम प्राप्त कर लेवे, तो मुक्ति सैन से हो सकती है। बिना मुंह से बोले न्याय होता हो, बिना तैरने के जलाशय लांगा जाता हो, और पत्थर के बिना पत्थर टूटता हो। तो यह मुक्ति सैन से हो सकती है। बिना झाड़ा दिये जहर उतरता हो, बिना लड़ाई लडे शूरवीर होता हो, मुंह के लगाये बिना ही बाजा बज सकता हो, तो यह मुक्ति सैन से हो सकती है। हीरा जमीन के अंदर है, अगर बिना खोदे निकलता हो, बांस को बिना लोहे के काट देता हो, तो यह मुक्ति सैन से हो सकती है। जब तक आग नहीं लगे, तब तक बराबर फूंके-लगानी पड़ती है, अर्थात जब तक आत्मा उस पद में नहीं पहुँच जाए, जब तक सतगुरु विधि से भजन करते रहो।महाराज फरमाते हैं कि जब वो देश मिल जाए, फिर निश्चिंत होकर वहां पर रहो।


Mhaare paavna paramguru aaj म्हारे पावणा परमगुरु आज_ हरजस पद राग बधावा (१)

 म्हारे पावणा परमगुरु आज, संया आवो ओ।  म्हारे आया ओ हरि का जन आज, संया आवो ओ ॥ टेर ॥  आवो ओ गावो संया, आणंद बधावा।  म्हारे आंगणिये ओ साधां र...