Thursday, November 20, 2025
Man rājā ke nār मन राजा के नार_ हरजस पद राग मंगल (१८)
मन राजा के नार, दोय घर जाणिये। पुतर अठारे आठ, कन्या दस ठाणिये ।। १ ।।
ओकण को सुण पीयर, जुग के मांय है। दूजी को सुण सांच, मुगत के मांय है।। २ ।।
जां सुं राखो हेत, पीयरां ले जावसी। जांका पुतरी पूत, मनो से लावसी ।। ३ ।।
ओकण का नित पूत, फजीती करत है। दूजी का राख्या पास, बोहोत सुख पावसी। दिन दिन सुख अपार, मोख ले जावसी ।। ४ ।।
जिण संग मिलीये मोख, मानेती कीजिये। कह सुखदेव नरका जाय, तिका तज दीजिये ।। ५ ।।
Harjas Pad Raag Mangal (18)
Man rājā ke nār, doy ghar jāṇiye.
Putar aṭhāre āṭh, kanyā das ṭhāṇiye. ॥ 1 ॥
Okaṇ ko suṇ pīyar, jug ke māyṁ hai.
Dūjī ko suṇ sāñc, mugat ke māyṁ hai. ॥ 2 ॥
Jāṁ suṁ rākhō het, pīyarāṁ le jāvasī.
Jāṁkā putrī pūt, mano se lāvasī. ॥ 3 ॥
Okaṇ kā nit pūt, phajītī karat hai.
Dūjī kā rākhyā pās, bohōt sukh pāvasī.
Din din sukh apār, mokh le jāvasī. ॥ 4 ॥
Jiṇ sang milīye mokh, mānetī kījīye.
Kah Sukhdev narkā jāy, tikā taj dījīye. ॥ 5 ॥
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