Thursday, November 20, 2025

Santo bhai karo ho kesariya aa संतो भाई करो हो केसरिया आई_ हरजस पद राग मिश्रीत (१६) संतो भाई करो हो केसरिया आई। ओली साट धबोला खाय ने, जावोला जन्म गमाई ।। टेर ।। राम नाम की केशर गाली, चौडे धरी लाय। शब्द हांक ढंढोरा फेरूं, सुणो शूर जग मांय ।। १ ।। पाछे कबिलो जुग जुग जीवे, नांव रेह जुग मांही। परियां बाट सूर की र की देखे, रेही रण दल छाही ।। २ ।। चोरासी में जहां तहां फिरियो, किवी राम सहाय। अबके मोसर आंण बणयो है, तन मन सुंपो लाय ।। ३ ।। दाद जुग में अवस पासो, लेसी राम बधाय। ब्रह्म लोक का पटा देवे, जीवत या जुग मांय ।।४।। जन सुखराम किया है पेली, केशरिया जुग मांय। मेरे संग सो सोई आज्यो, राम मिलण होय चाय ।। ५ ।। Harjas Pad Raag Mishrit (16) Santo bhai karo ho kesariya aai. Oli saath dhabola khaay ne, jaavola janm gamaai. ॥ Ter ॥ Ram naam ki keshar gaali, chaudhe dhari laay. Shabd haank dhandhora ferun, suno shoor jag maay. ॥ 1 ॥ Pachhe kabilo jug jug jeeve, naam reh jug maahi. Pariyaan baat soor ki ra ki dekhe, rehi ran dal chaahi. ॥ 2 ॥ Choraasi mein jahan tahan phiriyo, kivi Ram sahaay. Abke mosar aan banayo hai, tan man sumpo laay. ॥ 3 ॥ Daad jug mein avas paaso, lesi Ram badhaay. Brahm lok ka pata deve, jeevat ya jug maay. ॥ 4 ॥ Jan Sukhram kiya hai peli, kesariya jug maay. Mere sang so soi aajyo, Ram milan hoy chaay. ॥ 5 ॥ महाराज संतों से फरमाते हैं:"केशरिया बाना" यानी शूरवीरता धारण करो। यदि इस जन्म में परमात्मा की प्राप्ति नहीं की, तो मनुष्य जन्म को व्यर्थ गंवा दोगे।मैं सबको कह रहा हूं कि सतगुरु विधि से राम नाम का भजन करो, यही है “चौड़े लाकर धरना” — यानी साहस के साथ जीवन को भक्ति में समर्पित करना।हे संतों! जगत में शूरवीरता धारण करके भजन करने वाले हो, तुम सब सुनो — यही "ढिंढोरा" (घोषणा) है।पूर्व के युगों में भी शूरवीरों और संतो की महिमा रही है, और यही नाम जगत में अमर रहते हैं।परियाँ (दैवी शक्तियाँ) लड़ाई के मैदान में छाई रहती हैं, और वे सच्चे शूरवीरों की प्रतीक्षा करती हैं —चौरासी लाख योनियों में जहां भी तुम रहे, वहां भी रामजी ने तुम्हारी रक्षा की है।अब जब तुम्हें मनुष्य जन्म मिला है, तो तन-मन से भक्ति कर लो। इस संसार में भी रामजी तुम्हारी रक्षा करेंगे।और कृपा करके, जीते जी सतशब्द की जागृति होना ही ब्रह्म लोक का पटा देना व बधा कर लेना है।महाराज अंत में कहते हैं: पहले भी सतशब्द की भक्ति करने वाले हुए हैं, और अब भी मेरे ज्ञान को वही धारण करेंगे जिनके हृदय में रामजी की प्राप्ति की सच्ची इच्छा है। संतो से महाराज फरमाते हैं कि केशरिया बाना याने शूरवीरता धारण करो। परमात्मा की प्राप्ति नहीं होगी तो मनुष्य जन्म को व्यर्थ गमा दोगे। सतगुरु विधि से राम नाम का भजन करने के लिये सबको कह रहा हूं यही चौडे लाकर धरना है। जगत में शूरवीरता धारण कर भजन करने वाले हो, वे सब सुणो यही ढिंढोरा फेरना है। पीछे जुगानजुग में शूरवीरों की व संतो की महिमा रहती है, यही नांव जगत में रहना है। परियां लडाई के मैदान में छाई रहती है और वे शूरवीरों की इंतजार करती है। चौरासी में जहां भी रहा वहां रामजी ने तुम्हारी रक्षा की है। अब मनुष्य जन्म मिला है। तन मन से भक्ति कर लो। इस संसार में भी रामजी तुम्हारी रक्षा करेंगे व कृपा करके जीतेजी सतशब्द की जागृति होना ही ब्रह्म लोक का पटा देना व बधा कर लेना है। महाराज फरमाते हैं कि पहले भी सतशब्द की भक्ति करने वाले हुये है और अब भी मेरे ज्ञान को वही धारण करेंगे जिन्हें रामजी की प्राप्ति की ईच्छा है।

Mhaare paavna paramguru aaj म्हारे पावणा परमगुरु आज_ हरजस पद राग बधावा (१)

 म्हारे पावणा परमगुरु आज, संया आवो ओ।  म्हारे आया ओ हरि का जन आज, संया आवो ओ ॥ टेर ॥  आवो ओ गावो संया, आणंद बधावा।  म्हारे आंगणिये ओ साधां र...