Sunday, August 31, 2025

Jaag jaag dhar jaag जाग जाग धर जाग_हरजस पद राग मंगल (९)


 जाग जाग धर जाग, के शेष जगाइयो। पुतर जग में खेल, रम घर आइयो ।। १ ।।

लिज्यो सार संभाल, गरभ मती दीजियो। तम प्रगट पांचु देव, सबे सुण लिजियो ।। २ ।।

 ब्रह्मण्ड पवन तेज, अप धर मानियो। ओगुण इसका छाड, आपणो जांणियो ।। ३ ।।

 समरथ सामी राम, सुणो सत सांईयां। चेतन हंस संभाल, लेवो हर माईयां ।। ४ ।। 

सब जीवां की राम, रच्छा तुम कीजियो। अग्न दाग को दोष, हमे मत दीजियो ।। ५ ।। 

पांच तत के मांय, आप ही आप हो। कह सुखदेव तुम राम, तुमे ही जाप हो ।। ६ ।।

Harjas Pad – Raag Mangal

Jaag jaag dhar jaag, ke shesh jagaiyo.
Putar jag mein khel, ram ghar aaiyo. || 1 ||

Lijyo saar sambhaal, garbh mati dijiye.
Tam pragat paanchu dev, sabe sun lijiyo. || 2 ||

Brahmand pavan tej, ap dhar maaniyo.
Ogun iska chhaad, aapno jaaniyo. || 3 ||

Samarth saami Ram, suno sat saaiyaan.
Chetan hans sambhaal, levo har maaiyaan. || 4 ||

Sab jeevaan ki Ram, rakhchha tum kijiye.
Agn daag ko dosh, hame mat dijiye. || 5 ||

Paanch tat ke maay, aap hi aap ho.
Kah Sukhdev tum Ram, tume hi jaap ho. || 6 ||

पृथ्वी माता और शेष जी से श्मशान भूमि में प्रार्थना करनी चाहिए कि हे माता, आपका पुत्र जगत में रमकर आपकी गोद में आया है। इसको गर्भ में मत भेजिए। यही सार संभालना है। हे जगत् में प्रगट पांचों देवता, आप सब ही सुन लीजिए। हे आकाश, वायु, तेज, जल, पृथ्वी, आपसे प्रार्थना है कि इसके अवगुणों की तरफ न देखकर आप अपना ही समझिए। हे समर्थ स्वामी राम जी, आपसे प्रार्थना है कि इस चेतन हंस को आपकी शरण में लो। सब जीवों की आप ही रक्षा करने वाले हो। दाह संस्कार कर रहे हैं, उसका दोष हमें मत दीजिए। पांच तत्वों में सब जगह आप ही हो। महाराज फरमाते हैं कि हे राम जी, आप ही राम हो, जप में भी आप ही हो।


Mhaare paavna paramguru aaj म्हारे पावणा परमगुरु आज_ हरजस पद राग बधावा (१)

 म्हारे पावणा परमगुरु आज, संया आवो ओ।  म्हारे आया ओ हरि का जन आज, संया आवो ओ ॥ टेर ॥  आवो ओ गावो संया, आणंद बधावा।  म्हारे आंगणिये ओ साधां र...