Friday, August 29, 2025

Main mal soon Kartar ka मैं मल सूं करतार का_हरजस पद राग बिलावल (१०)

  

मैं मल सूं करतार का, बाथक जन आवे। पाडूंगा बोहो भांत ले, पिछे पस्तावे ।। टेर ।। 

दिस्ट हमारो देख के, पीछे कर जोडो। आन भरोसो जांण के, हम सुं मत तोडो ।। १ ।।

 पांचू जोधा पाड के, मन सांवत ढाया। तुम केती एक बात हो, ज्ञानी सुण भाया ।। २ ।।

 मोमे पोरष राम का, सुण लिज्यो लोई। जिण सब कूं पैदा करया, तांका बल होई ।। ३ ।।

 सुणज्यो सब सुखराम कह, ओ मल मस्ताया। त्रिगुटी सेहेर मंझार में, घूमत है भाया ।। ४।।

Harjas Pad Raag Bilawal (10)

Main mal soon Kartar ka, baathak jan aave. Paadunga boho bhaant le, pichhe pastaave. (Ter)

Dist hamaro dekh ke, pichhe kar jodo.

Aan bharoso jaan ke, ham soon mat todo. ॥1॥

Paanchu jodha paad ke, man saavt dhaya.

Tum keti ek baat ho, gyaani sun bhaaya. ॥2॥

Mome porash Ram ka, sun lijyo loi.

Jin sab koon paida karya, taanka bal hoi. ॥3॥

Sunjyo sab Sukhram kah, o mal mastaya.

Triguti seher manjhaar mein, ghoomat hai bhaaya. ॥4॥

मैं परमात्मा का पहलवान हूँ, मुझसे कोई जन ज्ञान चर्चा करे। मैं उसे ज्ञान से बहुत तरह से समझाऊँगा। मेरे ज्ञान को समझकर मानना ही पीछे पछताना है। हमारे ज्ञान को समझना ही 'दृष्टि हमारी देखना' है, और ज्ञान धारण करके ही पीछे कर जोड़ो। सतपद की भक्ति को छोड़कर अन्य की भक्ति करना ही 'हम सूं मत तोड़ो' है। पाँचों योद्धा, यानी काम, क्रोध, मद, लोभ, अहंकार, और सावंत शूरवीर मन को भी ज्ञान से पछाड़ा है। हे ज्ञानी, तेरे से ज्ञान चर्चा करना तो बहुत सरल है। हे संसार के स्त्री-पुरुषों सुनो, सारी सृष्टि को पैदा करने वाले परमात्मा का बल मेरे में है। महाराज फ़रमाते हैं कि सभी सुनो, परमात्मा की भक्ति करना ही पुरुषार्थ है। हे ज्ञानी, अभी तुम त्रिकुटी शहर के बीच में ही घूम रहे हो।"


Mhaare paavna paramguru aaj म्हारे पावणा परमगुरु आज_ हरजस पद राग बधावा (१)

 म्हारे पावणा परमगुरु आज, संया आवो ओ।  म्हारे आया ओ हरि का जन आज, संया आवो ओ ॥ टेर ॥  आवो ओ गावो संया, आणंद बधावा।  म्हारे आंगणिये ओ साधां र...